कन्दाहा का सूर्य मंदिर
*भारत प्राचीन काल से ही सांस्कृतिक विविधताओं वाला देश रहा है. इस संस्कृति के कुछेक पहलू अभी भी अच्छी तरह से ज्ञात नहीं है. इन्ही में से एक प्राचीन सूर्य मंदिर के रूप में सहरसा jeele के कन्दाहा गाँव में मौजूद है. कन्दाहा एक छोटा सा गाँव है जहाँ के लोगों का मुख्य पेशा मछली पकड़ना है. परन्तु इस गाँव को भारत के एक प्राचीनतम और अनुपम सूर्य मंदि र के swaamitv का gaurav प्राप्त है. इस अतुलनीय सूर्य मंदिर का निर्माण १४ वीं शताब्दी में मिथिला के राजा हरिसिंह देव ने किया था. यह सहरसा जिला मुख्यालय से लगभग १२ किलोमीटर पश्चिम में अवस्थित है . महाभारत और सूर्य पुराण के अनुसार इस सूर्य मंदिर का निर्माण 'द्वापर युग' में हो चुका था. पौराणिक मान्यता के अनुसार भगवान् कृष्ण के पुत्र 'शाम्ब' किसी त्वचा रोग से पीड़ित थे जो मात्र यहाँ के सूर्य कूप के जल से ठीक हो सकती थी. यह पवित्र सूर्य कूप अभी भी मंदिर के निकट अवस्थित है. इस के पवित्र जल से अभी भी त्वचा रोगों के ठीक होने की ब...